दुनिया का हर व्यक्ति अहि चाहता है कि जीवन में हर चीज उसके पास हो, उसे किसी चीज की कभी कमी ना हो। कुछ चीजों के प्रति इंसान का मोह कुछ ज्यादा ही होता है। वह उन चीजों को किसी कीमत पर पाना चाहता है। अगर वह चीज उसके पास पहले से है तो वह उनका त्याग कभी नहीं करना चाहता है। वह हर समय इसी कोशिश में लगा रहता है कि वह चीज उससे दूर कभी ना हो।

जो आज आपका है कल किसी और का होगा:

लेकिन एक समय ऐसा भी आता है, जब वह चीज दूर हो जाती है। जीवन में कोई भी चीज हमेशा आपके पास नहीं रह सकती है। गीता में भी कहा गया है जो आज आपका है, कल किसी और का होगा और परसों किसी और का। शुक्रनीति में कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताया गया है, जिन्हें हमेशा अपने पास रख पाना संभव नहीं है।

यौवनं जीवितं चित्तं छाया लक्ष्मीश्र्च स्वामिता।
चंचलानि षडेतानि ज्ञात्वा धर्मरतो भवेत्।।

नहीं करनी चाहिए, इन चीजों की इच्छा:

*- जीवन में सभी लोग जवान ही रहना चाहते हैं, जबकि ये कभी भी संभव नहीं है। प्रकृति के नियम के अनुसार पहले व्यक्ति बच्चा होता है, फोर जवान होता है, फिर प्रौढ़ होता है और अंत में बूढा होता है। आप कितनी भी कोशिश क्यों न करें कि आप हमेशा जवान बने रहें, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता है।

*- जो इस दुनिया में पैसा हुआ है, उसे एक दिन मरना ही होगा। आप कितनी भी कोशिश क्यों ना कर लें हमेशा जीवित रहने की, लेकिन आप जीवित नहीं रह सकते हैं। इसलिए जीवन के मोह में बंधना अच्छा नहीं होता है।

*- लोग चाहते हैं कि उनका मन हमेशा उनके वश में ही रहे लेकिन यह भी संभव नहीं है। एक समय एशिया भी आता है जब मन आपकी गिरफ्त से आजाद हो जाता है। इसे अपने वश में करना मुश्किल है। हालांकि इसे योग और साधन से वश में किया जा सकता है।

*- व्यक्ति की परछाई हमेशा उसका साथ नहीं देती है। यह पुरे दिन तो आपके साथ रहती है लेकिन जैसे ही रात आती है यह आपका साथ छोड़ देती है। जब व्यक्ति की परछाई ही उसका साथ नहीं देती है, तो किसी और चीज से किस तरह का मोह।

*- दुनिया का हर व्यक्ति धन-दौलत से मोह करता है। वह यह चाहता है कि धन-दौलत हमेशा के लिए उसके पास ही बना रहे। जबकि यह संभव नहीं है। धन कभी भी एक जगह स्थिर नहीं रहता है। इसलिए इसका मोह भी त्याग देना चाहिए।

*- कुछ लोगों की यह चाहत होती है कि जो अधिकार उन्हें आज मिले हैं, ववाह हमेशा उनके पास ही रहें। इंसान की यह लालसा भी अधूरी रह जाती है, क्योंकि कोई भी चीज इस दुनिया में स्थायी नहीं है। हमेशा एक ही अधिकार या पद को मन में पाने की इच्छा नहीं रखनी चाहिए।