बीते दिनों देश की राजधानी से सटे गुरुग्राम के रेयान स्कूल में हुए हादसे से एक बात तो तय होगयी है की आपका बच्चा स्कूल में सुरक्षित नहीं है। माँ-बाप जिस विश्वास के साथ बच्चों को स्कूल भेजते थे की उनका बच्चा स्कूल में सुरक्षित रहेगा, उस विश्वास पे इतने बड़े स्कूल में हुए इस हादसे ने सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। रोज देश के किसी न किसी कोने से बच्चों के यौन शोषण की खबरें आम होगयी है। ऐसे में सवाल ये उठता है की आप किस तरह से अपने बच्चों को सुरक्षित रख सकते है।
इन कुछ बातों पे ध्यान देके आप बच्चों को निश्चित तौर पे भारी दुनिया से लड़ने या डील करने के लिए तैयार कर सकते है।

बच्चों को सावधान करें !

बच्चें घर से ही सब कुछ सीखते है इसलिए आपके घर का माहौल ऐसा होना चाहिए जिससे बच्चा आपसे हर चीज़ शेयर कर सके। अपने बच्चों को बताएं की अगर कोई उससे चुपचाप बात करता है या किसी को कुछ भी न बताने से मन करता है तो इस बात की शिकायत सबसे पहले करें।

बच्चों के दोस्त पहले बने माँ-बाप बाद में!

आपका और आपके बच्चे के बीच दोस्ताना रिश्ता होना बहुत जरुरी होता है। बच्चा अगर आपसे डरेगा तो आपको कभी भी अपनी परेशानी या तकलीफ नहीं बताएगा। इसलिए पेरेंट्स के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है की आप बच्चे से जहाँ तक संभव हो प्यार से पेश आये।

बच्चों को अनजान लोगों से दूर रहने को कहे !

रेयान स्कूल में हुए हादसे से लें सबक और अपने बच्चों को सिखाये अच्छे और बुरे "टच" में फर्क !

अपने बच्चे को जरूर बताये की किसी भी अनजान व्यक्ति से किसी तरह का खाने पीने की चीज़ें न लें, ज्यादा बात ना करें। कोई तंग कर रहा हो तो तुरंत उसकी शिकायत करें।

यौन शोषण के बारे में खुल के बात करें !

इस विषय में बच्चों से बात करना आजकल सबसे आवश्यक हो गया है। बच्चें नादान होते है इसलिए उन्हें नहीं पता चल पता की कौन उसका गलत उपयोग करना चाह रहा है। अपने बच्चों से खुल के बात करें, उन्हें बताये की बुरा और अच्छा टच क्या होता है और अगर कोई कुछ गलत उनके साथ करने की कोशिश करे तो तुरंत अपनी टीचर से या फिर घर आके आपलोगों से बताये।
इन कुछ बातों का ध्यान रख आप अपने बच्चों को काफी हद तक उँचाहे हादसों से बचा के रख सकते है।