अमूमन मरीजों का इलाज़ डॉक्टर करते है लेकिन भारत में एक शहर ऐसा भी है जहां डॉक्टर नहीं बल्कि भूत-प्रेत मरीजों का इलाज़ करते है। सुनने में ये जररू आपको विचित्र लग रहा होगा लेकिन ये सच है। आइये जाने क्या है पूरी कहानी!
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के ‘रायगंज’ गाँव में एक ऐसा अस्पताल है जहाँ डॉक्टर नहीं बल्कि भूत-प्रेत करते है लोगों का इलाज़ वो भी बिना किसी दवा का उपयोग किये।

मरीजों को पहले वहां बने कीचड़ के गड्ढे में कूदना पड़ता है :

हम आपको बताते है की आखिर भूत -प्रेत कैसे इलाज़ करते है। दरअसल इस गाँव में बने इस बहुत ही अजीब अस्पताल में मरीज तब जाते है जब उन्हें किसी प्रकार का मानसिक रोग या अन्य तरह की बीमारी का सामना करना पड़ता है। इस अस्पताल में जाने वाले सभी मरीजों को पहले वहां बने कीचड़ के गड्ढे में कूदना पड़ता है, वहां के लोगों का ऐसा मानना है की उस गड्ढे में भूत -प्रेत का वास है जो वहां आने वाले मरीजों का इलाज़ करते है। इस अनोखे और विचत्र अस्पताल में ओझाओं और तांत्रिको का भी जमावड़ा लगा होता है जो आने वाले मरीजों का इलाज़ सही ढंग से करने का दावा करते हैं। इन तांत्रिको के पास एक चमत्कारी छड़ी होती है जिससे वो वहां आने वाले मरीजों की पिटाई करते है और ये उनका इलाज़ करने का एक तरीका होता है। पढ़े लिखे लोगों के लिए तो ये महज एक अंधविश्वास होगा लेकिन वहां के लोगों की इस परंपरा में काफी दृढ आस्था है, शायद इसलिए हमारा देश विविधिताओं का देश कहलाता है।

अनोखे अस्पताल :

आपको सुनने में ये जरूर अटपटा लग रहा होगा लेकिन इस गाँव में रहने वाले लोगों का ये मानना है की वहां के लोगों पे भगवान की असीम कृपा दृष्टि है जिसकी वजह से वहां के लोगों को कभी भी डॉक्टरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। लोगों को होने वाली छोटी मोटी बिमारियों का इलाज गाँव के इस अनोखे अस्पताल में ही हो जाता है।
चाहे कुछ भी हो लेकिन इस वाकिये से ये तो जरूर पता चलता है की अभी भी लोगों के मन में भूत-प्रेत का वास है और लोग पूरी श्रद्धा के साथ यहाँ अपना इलाज करवाने आते हैं।