हमारे भारत में लड़के का प्यार तभी सच्चा माना जाता है जब वह अपनी प्रेमिका से शादी करने की हिम्मत रखता हो. क्यूंकि आज के समय में अधिकतर लड़के प्ले बॉय की इमेज से जाने जाते हैं. वह एक से प्यार करते हैं और सैंकड़ों लड़कियों से शादी के वादे करते हैं. हालंकि, हमारे भारतीय समाज में शादी को सबसे पवित्र बंधन माना जाता है. धर्म के अनुसार हर व्यक्ति की अलग तरह से शादी की जाती है. सिखों को गुरूद्वारे लेजा कर 4 फेरे दिला कर शादी के बंधन में बाँधा जाता है जबकि, हिन्दू धर्म में 4 की जगह 7 फेरे लिए जाते हैं. हर फेरे का अपना अलग महत्व है. इन फेरों के दौरान दोनों पति पत्नी एक दुसरे से 7 वचन लेते हैं और अगले सात जन्मों तक साथ जीने मरने की कसमें खाते हैं. मगर हाल ही हमारे सामने एक हैरतंगेज़ मामला आया है. जहाँ एक पति को प्यार के बाद अपनी प्रेमिका से शादी करना महंगा पड़ गया.

दरअसल, ये पूरा मामला उत्तरप्रदेश के मोरादाबाद शहर का है. जहाँ रोहित और साक्षी (काल्पनिक नाम) की पहली मुलाक़ात उनके ऑफिस में हुई. दोनों एक ही ऑफिस में काम करते थे इसलिए धीरे धीरे दोनों को अच्छी खासी दोस्ती हो गई. इतना ही नहीं बल्कि वह दफ्तर के बाहर भी एक दूसरे से मिलने लगे. आख़िरकार एक दिन दोनों ने शादी के बंधन में बंधने का फैसला ले लिया. इसी के चलते दोनों ने अपने अपने घरवालों से बात की मगर जात पात अलग होने के कारण दोनों के घरवालों ने उनकी शादी करवाने से मना कर दिया. जिसके बाद इस प्रेमी जोड़े ने कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया और वहीँ शादी कर ली. मगर रोहित को यह शादी इतनी महंगी पड़ने वाली है, ऐसा उसने सपने में भी नहीं सोचा था.

आपको हम बता दें कि दोनों की शादी उत्तरप्रदेश कोर्ट ने हिन्दू रीति रिवाज़ से करवाई. शादी करने के बाद दोनों काफी खुश थे. मगर उनकी खुशियाँ अधिक समय तक के लिए ना ठहरी. शादी की पहली रात ही रोहित को पता चला कि जिस लड़की से वह बेहद प्यार करता रहा और शादी की, वह आम इंसान नहीं बल्कि एह किन्नर है. अब रोहित का यह इल्जाम है कि उसकी पत्नी साक्षी ने उसके साथ धोखे से शादी की. वहीँ दूसरी और साक्षी का कहना है कि वह रोहित से बेहद प्यार करती है और उसी के साथ अब जीना चाहती हैं. परन्तु, रोहित ने एक किन्नर पत्नी के साथ रहने से इनकार कर दिया है.

फिलहाल रोहित ने किन्नर को पत्नी मानने से साफ़ मना कर दिया है. दोनो ने कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया. परन्तु पति के किन्नर को ना अपनाने के चलते कोर्ट ने साक्षी को उसके घरवालो के साथ वापिस घर भिजवा दिया है. वहीँ साक्षी के घरवालों के अनुसार बचपन से ही उनकी बेटी ने किन्नर के रूप में जन्म लिया है. पड़ोसियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि उनकी बेटी दिखने में समान्य लड़की थी मगर वह एक किन्नर है, इस बात को पूरा मोहल्ला जानता था.

हालांकि, किन्नर या लड़की बनाना भगवान के हाथ में होता है लेकिन हमारे समाज में आज भी किन्नर को सबसे नीच दर्जा मान कर ठुकरा दिया जाता है. ऐसे में हमे एक बदलाव लाने की जरूरत है ताकि किसी किन्नर के साथ ना इंसाफी ना हो.