चंडीगढ़: कहते हैं अगर हम किसी चीज़ को हासिल करने के बारे में ठान लेते हैं, तो एक ना एक दिन वह चीज़ हमे मिल ही जाती है. मगर इस बात में कोई दो राय नहीं है कि मंजिल तक पहुंचना आसान बात नहीं है. इस्ल्के लिए कड़ी मेहनत के साथ साथ मन में आत्मविश्वास होना भी बेहद जरूरी है. आपने फिल्म वो डायलॉग तो सुना ही होगा कि “जिसे हम छिद्दत से पाना चाहते हैं, पूरी कायनात भी उसे हमारे पास भेजने के लिए हमारी मदद करने में जुट जाती है”. इस बात को झुठलाया नही जा सकता कि मंजिल पाने के लिए रास्ता चाहे कितना भी कठिन क्यूँ ना हो, आपको डट कर लड़ते रहना चाहिए. आज हम आपको एक ऐसी ही महिला की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और लग्न के चलते एक नई मिसाल कायम की.

पिता है कारपेंटर और बेटी बनी अफ़सर

आपने बड़े बजुर्गों के मुंह से एक बात जरुर सुनी होगी कि अमीरों के बच्चों को साड़ी सुख सुविधाएं बचपन से ही मिल जाती हैं इसलिए वह मेहनत नहीं कर सकते. जबकि, गरीब के बच्चों को बचपन से मेहनत करने का पाठ पढ़ाया जाता है और यही मेहनत आगे जाकर उनके सारे सपनों को साकार करती है. कुछ ऐसा ही हुआ इस महिला के साथ भी. दरअसल, आज हम आपको जिससे मिलवाने जा रहे हैं, उसे पूरा भारत देश सलाम कर रहा है. आपको बता दें कि संगीता कालिया नामक इस महिला के पिता कारपेंटर हैं परन्तु लगातार 6 नौकरियां छोड़ने के बाद अब संगीता को उसकी मंजिल मिल चुकी है और वह एक आईपीएस अफसर बन चुकी है.

मंत्री से भीड़ चुकी है संगीता

दरअसल यह महिला कोई और नहीं बल्कि वही है जिन्होंने बीजेपी सांसद की चल रही एक मीटिंग में मंत्री अनिल विजय से दुश्मनी मोल ले ली थी जिसके बाद उनका तबादला करा दिया गया था. अब एसपी संगीता कालिया रेवाड़ी की बजाय पानीपत की पुलिस की अधीक्षक बन चुकी हैं. बीते मंगलवार की शाम को संगीता कालिया का पानीपत तबादला किया गया. संगीता ने 27 नवंबर 2015 को फतेहाबाद में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ऐसे भिड़ंत मोल ले ली थी. आपको बता दें कि उस समय अनिल वहां के कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष थे. एक बैठक के दौरान अनिल विजय ने सबके सामने संगीता को गेट आउट कह दिया था जिसके बाल संगीता बाहर नहीं गई. जिस पर अनिल भड़क गए और उन्होंने खुद वह बैठक छोड़ दी और आखिरकार संगीता कालिया का तबादला करा दिया गया था.

एक बार फिर होगा सामना

गौरतलब है कि अब वह अपनी वाइफ वापस से IPS बनकर लौट चुकी हैं. एक बार फिर से संगीता का सामना अनिल विजय से होगा क्योंकि अनिल इस समय पानीपत कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष हैं. ऐसे में एक बार फिर से अनिल विजय के बैठक में संगीता को सवालों का सामना करना पड़ेगा. इस बार की बैठक 27 अप्रैल को होगी. ऐसे में अगर संगीता यहां ज्वाइन कर लेती हैं तो बैठक में मंत्री उन्हें देखकर ही आग बबूला हो जाएंगे.

उड़ान सीरियल से मिली थी प्रेरणा

मिली जानकारी के अनुसार संगीता कालिया के पिता धर्मपाल फतेहाबाद पुलिस में कारपेंटर थे. साल 2010 में उन्हें रिटायरमेंट मिली. इसी बीच उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई लिखाई भिवानी से करवाई और 2005 में संगीता ने पहली यूपीएससी परीक्षा दी. हालांकि संगीता को सफलता 2009 में तीसरे प्रयास में मिली. संगीता के अनुसार उन्हें पुलिस में भर्ती होने की प्रेरणा उड़ान सीरियल से मिली. संगीता के पिता विवेक कालिया भी हरियाणा के एचसीएस हैं. संगीता एकमात्र ऐसी शख्सियत है जो 6 बड़ी नौकरियों को छोड़कर पुलिस विभाग में आई हैं. भिवानी जिले की जन्मे यह साधारण परिवार की इस बेटी ने बचपन में जो सपने देखे थे आज उन्हें पूरा कर दिया है. संगीता के अनुसार उसने कभी झूठ नहीं बोला और ना ही कभी बोलेगी.

संगीता ने 2010 में IPS पद ज्वाइन किया. फिलहाल सब संगीता को लेडी दबंग महिला के नाम से जानते हैं. संगीता को म्यूजिक और लिटरेचर में भी दिलचस्पी है. मैं हर रोज 15 घंटे लगातार काम करती हैं. संगीता ने अपने जीवन काल में कई छोटे केस और ब्लाइंड मर्डर केस सुलझाएं हैं.