कोडरमा(रांची): कहते हैं भगवान जोड़ियाँ ऊपर से ही बना कर भेजता है. ऐसे में हम इंसान चाहे लाख कोशिश क्यूँ ना कर लें, होगा वही जो उस मालिक की मर्जी होती है. कुछ ऐसा ही मामला हाल ही में हमारे सामने आया है. जहाँ रांची के कोडरमा के चतरा गाँव में रहने वाली एक लड़की के सपने धरे के धरे रह गए. दरअसल, इस लड़की की शादी की सभी तैयारियां हो चुकी थी.

पीड़िता अंजू के पिता मोहित भुइयां मेहमानों के स्वागत के लिए पिछले 1 हफ्ते से तैयारी में जुटे हुए थे. बीती बुधवार से ही मेहमानों के लिए भोजन के अलग-अलग पकवान बनाए जा रहे थे. बारातियों की फरमाइश पर 80 किलो चिकन भी मंगवाया जा चुका था और टेंट कुर्सियां भी लग चुकी थीं. अंजू अपने हाथों में मेहंदी सजाकर बेसब्री से बारात का इंतजार कर रही थी परंतु भगवान को कुछ और ही मंजूर था. दुल्हन बनी अंजू पूरा दिन अपने होने वाले दूल्हे और मेहमानों का इंतजार करती रही परंतु रात के 2 बजे तक कोई नहीं आया. अंत में जब पिता मोहित ने अपने समधी को फोन किया तो सच जानकर उनके घर की पूरी खुशियां मातम में बदल गई.

पिता मोहित को समधी ने बताया कि उनके रिश्तेदार सीरिया गांव के रहने वाले महेंद्र भुइयां की मौत हो चुकी है. महेंद्र इटखोरी के सीरिया गांव के राजेश कुमार के बहनोई थे. अचानक हुई मौत से लड़के वालों का परिवार और गांव शोक की लहर में डूब चुका था. परिजनों मैं शादी की खुशियां को रो-रो कर बुरे हाल में बदल दिया था. दरअसल गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव द्वारी गांव पहुंचा दिए गए जिनके मिलते ही गांव में चुप्पी छा गई. ऐसा बताया जा रहा है कि एक सड़क दुर्घटना में 4 लोगों की मौत होने के कारण राजेश्वर अंजू की शादी कर ली गई है.

मरने वाले चारों लोग दूल्हे और दुल्हन की फैमिली के खास रिश्तेदार थे. अंजू के पिता मोहित ने बताया कि दुर्घटना होने के बाद शादी की खुशियां मनाने की रसम नहीं हो सकती थी इसलिए शादी को अभी टाल दिया गया है. मोहित के अनुसार कुछ दिनों में पंचायत के लोग बैठेंगे तब इस शादी के बारे में कोई फैसला लिया जाएगा. अचानक हुई इस सड़क दुर्घटना में लड़के के परिवार के कई रिश्तेदारों की मौत हो गई है जिसमें से महेंद्र भुइयां और तीन अन्य परिजन शामिल थे. यह चारों लोग लड़के के खास रिश्तेदार थे.

दूल्हा और उसकी बहन

सीरिया के महुदा गांव में एक साथ चार लोगों की मौत के बाद यहां गांव में चारों ओर सन्नाटा पसरा रहा. इतना ही नहीं बल्कि इस घटना के बाद आंगनवाड़ी केंद्र में भी कोई बच्चा पढ़ने नहीं आया. शिक्षक बच्चों की राह देखते रहे लेकिन जब कोई नहीं पहुंचा तो वह बिना पढ़ा ही वापस चले गए.

आपको बता दें कि सीरिया के महुदा गांव में हुई सड़क दुर्घटना में मारे गए 4 लोगों के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है. बनने वाले चारों लोग इसी गांव के रहने वाले थे. इस घटना के बाद 13 अन्य लोग घायल हुए हैं वह भी इसी गांव के हैं. दर्दनाक हादसे के चलते दोनों गांव के लोग सदमे में हैं. इतने लोगों के साथ हुई दुर्घटना को देखकर लोगों की चीखें और कृंदन से पूरा गांव दहल उठा है. रो-रो कर अभी तक दुल्हे राजेश की आंखो के आंसू भी सूख चुके हैं और वह खामोश हो चुका है, कुछ बोल ही नहीं पा रहा. मरने वाले चारों वितरकों की पत्नियां भी बहुत पड चुकी हैं. पोस्टमार्टम के बाद लाशों हाल देख कर मृतकों कि पत्नियों का रो रो कर बूरा हाल है.

गांव वालों ने बताया कि दुलहेरा है राजेश की बहन राजंती की बारात भी गुरुवार की शाम सीरिया आने वाली थी यह बारात शालबे गांव से आनी थी. दरअसल दोनों भाई बहन की शादी एक ही मंडप में होनी तय हुई थी. परंतु हादसे के चलते रजंती की शादी भी टल गई है.