सनी भगवान के बारे में आप सभी जानते हैं कि शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है जो व्यक्ति अपने जीवन में बुरे कर्म करता है या लोगों का बुरा चाहता है शनि भगवान की दंड को उसे भोगना ही पड़ता है हर इंसान के जीवन में शनि देव द्वारा साढ़ेसाती या ढैय्याँ अवश्य आती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आप सभी के लिए एक बहुत ही अधिक खुशखबरी का योग आया है जिसमें आते ही शनि भगवान की साढ़ेसाती समाप्त होती है और ये राशियां होती हैं जिनको अपने जीवन में बहुत अधिक खुशियां प्राप्त होने वाली है और उनके ऊपर महालक्ष्मी जी की असीम कृपा बरसने वाली है जिससे वह धन की अत्यधिक प्राप्ति करेंगे और अपने जीवन में सुख शांति की भी प्राप्ति करेंगे। चलिए पढ़ते है इसके बारे में विस्तार से।

कई बार होता है लोगों को उनकी मेहनत का फल उन्हें प्राप्त नहीं होता है और कभी तो कोई भी मुश्किल काम होता है बिना किसी अड़चन की छुट्टियों में ही सफलतापूर्वक हो जाता है यदि आपकी कुंडली में शनि का गोचर बारहवे भाग में होता है तब इसका मतलब यह होता है कि आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती कहां विराजमान हो ना इसी के साथ जब शनि चंद्र के दूसरे भाव से विलुप्त हो जाता है तब आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती का अंत भी हो जाता है इसके बाद उन लोगों की जिंदगी में अपार खुशियां आ जाती हैं जिसकी वह कई समय से कामना करते आ रहे थे।

इसी के साथ जब सनी देव बारहवे स्थान पहले या दूसरे स्थान पर आते हैं तब इंसान की कुंडली में साढ़ेसाती शुरू हो जाती है और आपकी अधिक जानकारी के लिए बता दे की साढ़ेसाती यह इंसान की कुंडली में साढ़े सात साल तक चलती रहती है। शनि का बारहवीं स्थान पर होना आपके सिर पर हृदय पर तथा दूसरे स्थानों में होने पर आपके पैरों पर उतरते हुए अपना प्रभाव डालती जाती है। जब इसके बाद चौथे या फिर आठवें स्थान पर शनिदेव आ जाते हैं तब आपकी कुंडली में शनि देव की ढैय्या आ जाती है फिर उसके बाद ढैय्या ढाई साल तक चलती है।

किसी इंसान की कुंडली में साढ़ेसाती याद आया होना शनिदेव के अशुभ ग्रहों के साथ दृष्ट होने से या नीच स्थान होने पर उत्पन्न होती है शनि की साढ़ेसाती के समय व्यक्ति के जीवन में कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती हैं शारीरिक और मानसिक तनाव हमेशा बना रहता है घर में कई प्रकार के पारिवारिक समस्याओं से भी जूझना पड़ता है पूरा लेखा-जोखा देखा जाए तो शनि की साढ़ेसाती जब चल रही होती है तो इंसान के पक्ष में कुछ भी नहीं रहता वह हमेशा चिंतित रहता है और खुशियां जीवन से दूर हो जाती है किंतु अब यह राशि वाले जातकों की कुंडली से शनि की साढ़ेसाती समाप्त हो गई है जिससे अब उनके जीवन में बहुत सारी खुशियां आने वाली है और वह महालक्ष्मी जी की कृपा को प्राप्त करके अधिक से अधिक धन कमाएंगे और खुशियों की प्राप्ति कर रहे हैं।

हम आपको अधिक जानकारी के लिए नीचे एक वीडियो उपलब्ध करा रहे हैं जिसके जरिए आप अधिक से अधिक एवं विस्तार से जानकारी को प्राप्त कर सकते हैं देखें नीचे दी गई वीडियो।