अस्थमा आज के समय एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या के रूप में दुनिया के सामने आई है, जिसके लिए बढ़ता प्रदूषण काफी हद तक जिम्मेदार है। आज लाखों की संख्या में लोग इस बीमारी से झूंझ रहे हैं।वैसे अस्थमा की शिकायत ज्यादातर बच्चों में देखने को मिलती हैं, वहीं ये अक्सर बड़ों-बुजुर्गों का जीना भी मुहाल कर देता है, अस्थमा में सांस लेने में दिक्कत के साथ सीने में दर्द, खासी और कई तरह के परेशानियां होती हैं। ऐसे में विश्व भर में अस्थमा यानी दमा से पीड़ित मरीजों को बेहतर इलाज देने और अस्थमा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 1 मई को विश्व अस्थमा दिवस मनाया जाता है । आज इस मौके पर हम आपको कुछ ऐसे कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि अस्थमा के अटैक के लिए काफी हद तक जिम्मेदार होते हैं, ऐसे आप इन कारणों को पहचान उचित सावधानियां बरतकर अस्थमा अटैक से बच सकते है। चो चलिए उन आदतों या वजहों को जानते हैं जिनसे अस्थमा का खतरा उत्पन्न होता है..

धूल-मिट्टी अस्थमा के रोगी के लिए सबसे बड़ी मुसीबत है, जैसे ही अस्थमा के पेशेंट धूल-मिट्टी के सम्पर्क में आते हैं, ये श्वास नली के जरिए उनके शरीर में चली जाती है और इससे अस्थमा अटैक हो जाता है। इसलिए अगर आपको अस्थमा की दिक्कत है तो धूल-मिट्टी और गंदगी से बचकर ही रहें। अगर ऐसी किसी जगह पर जाना हो तो मुंह पर मॉस्क लगाकर या चेहरा कवर कर ही जाएं।

वहीं बदलता मौसम भी अस्थमा के मरिजों पर भारी पड़ता है, बदलते मौसम और उमस से श्वास नली पर काफी गहरा असर पड़ता है। ऐसे में जो लम्बे समय तक उमस के संपर्क में रहते है, उन्हें अस्थमा का अटैक आ सकता है।

धुंआ और लगातार बढ़ता प्रदूषण अस्थमा अटैक की मुख्य वजह है। कई बार हम जाने-अनजाने में ऐसे प्रदूषित एरिया में आते-जाते रहते हैं, जहां धुंआ उठता रहता है और यही धुआं हमारे शरीर में चला जाता है, जिससे अस्थमा अटैक आ जाता है।इसलिए अस्थमा के पेशेंट को खासतौर पर धुंए से बचकर रहना चाहिए।

जी हां, आपक गंदा बिस्तर भी आपको अस्थमा का अटैक दे सकता है, जबकि अधिकांश लोग इसको नजरअंदाज कर देते है। दरअसल जब गंदे बिस्तर पर सोते हैं तो उसमें मौजूद गंदगी और धूल आपके सांसो के माध्यम से लंबे आपके शरीर में चली जाती है जिससे कि अस्थमा का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अस्थमा के पेशेंट के लिए जरूरी है कि अपने आसपास को पूरी तरह साफ-स्वच्छ रखें।

आज की तेजी से भागती जिंदगी में लोगों की जीवनशैली पूरी तरह बदल चुकी हैं, यही वजह है कि लोग जल्दी ही किसी भी बीमारी के चपेट में आ जाते हैं, अस्थमा भी इन्ही में से एक है। इसलिए अगर स्वस्थ रहना चाहते हैं तो नियमित रूप से एक्सरसाइज जरूर करें, खासतौर पर अस्थमा के मरिजों को तो अपने बिजी शेड्यूल से कुछ समय निकालकर ब्रींथिंग एक्सरसाइज जरूर करना चाहिए।

वहीं आपके पालतू जानवर भी आपको अस्थमा का अटैक दे सकते हैं। ऐसे में अगर आपको अस्थमा की शिकायत है तो अपने घर में पालतू जानवर रखने या दूसरे जानवरों के सम्पर्क में आने से बचें।

नमक का अधिक सेवन भी अस्थमा के खतरे को बढ़ा सकता है, ऐसे में अगर अस्थमा के मरीज को सीमित में ही नमक का सेवन करना चाहिए।

धूम्रपान और शराब का सेवन वैसे तो सभी के लिए घातक है पर अस्थमा के मरीजों को इससे विशेष परहेज करना चाहिए , क्योंकि धूम्रपान और शराब पीने से अस्थमा के अटैक का खतरा कहीं अधिक बढ़ जाता है।