हिन्दू धर्म केवल भारत ही नहीं बल्कि कई अन्य देशों में भी माना जाता है। हिन्दू धर्म अपनी अनोखी परम्पराओं के लिए पुरे विश्व में जाना जाता है। हिन्दू धर्म ही एक ऐसा धर्म है, जिसमें महिलाएँ शादी के बाद मंगलसूत्र और सिंदूर लगाती हैं। सिंदूर का धार्मिक महत्व तो होता ही है, साथ ही इसका वैज्ञानिक महत्व भी है। कुछ लोग इसे बकवास मानते हैं, लेकिन शायद उन लोगों को यह पता नहीं है कि सिंदूर लगाने से क्या-क्या फायदा होता है।

हर महिला लगाती है अपने-अपने तरह से सिंदूर:

सिंदूर को सुहाग की निशानी माना जाता है। हिन्दू धर्म का पालन करने वाली हर महिला अपनी माँग में सिंदूर लगाती है। भारतीय प्राचीन मान्यताओं के अनुसार सिंदूर नहीं लगाना अशुभ होता है। हर महिला अपने-अपने तरह से सिंदूर लगाती है। आजकाल तो बाजार में अलग-अलग तरह के सिंदूर आने लगे हैं। आजकल की कुछ महिलाएँ सिंदूर लगाने के मान पर बस खानापूर्ति करती हुई दिखाई देती हैं।

गलत तरीके से सिंदूर लगने पर भुगतने पड़ते हैं पति-पत्नी को परिणाम:

जल्दबाजी के चक्कर में अक्सर कई महिलाएँ गलत तरह से भी सिंदूर लगा लेती हैं। हालांकि महिलाएँ ये गलतियाँ अनजाने में करती हैं। आखिर गलती तो गलती ही होती है चाहे वह अनजाने में हुई हो या जानबूझकर की गयी हो। गलत तरीके से सिंदूर लगाने से महिला और उसके पति दोनों को ही इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ते हैं। आज हम आपको सिंदूर लगाने के तरीके के बारे में बताएँगे।

सिंदूर ठीक माथे के बीचो-बीच लगायें:

सिंदूर लगाते समय महिलाओं को काफी सावधानी बरतने की जरुरत होती है। सिंदूर केवल खूबसूरती के लिए नहीं लगाया जाता है, इससे महिलाओं के सुहाग की रक्षा भी होती है। सिंदूर लगाते वक़्त इस बात का ध्यान रखें कि सिंदूर ठीक माथे के बीचो-बीच लगा हुआ हो। अगर कोई महिला गलती से किनारे पर सिंदूर लगाती है तो उसकी लड़ाई उसके पति से होने लगती है। हमेशा पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव बना रहता है।

छिपकर कभी नहीं लगायें सिंदूर:

सिंदूर के बारे में यह भी मान्यता है कि सिंदूर को हमेशा माथे पर लम्बा लगाना चाहिए। कुछ महिलाएँ जल्दबाजी में केवल आगे थोड़ा सिंदूर लगाकर छोड़ देती हैं। कुछ महिलाएँ छिपकर भी सिंदूर लगाती हैं, यह उनके पति के ऊपर बुरा असर डालता है। ऐसा कहा जाता है कि उस महिला के पति से समाज धीरे-धीरे रिश्ता तोड़ने लगता है। यह आपके साथ होगा कि माहि इसके बारे में कहना मुश्किल है। यह हिन्दू धर्म में बताया गया है, इसलिए इन बातों का पालन करना आवश्यक हो जाता है।

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